Whatsapp Sim Binding Rule 2026:  WhatsApp बंद होने से पहले आज ही कर लें ये 5 काम, वरना 1 मार्च से फोन में सिम नहीं तो अकाउंट भी नहीं

By: Shubham Ingale

On: Saturday, February 28, 2026 8:04 PM

Whatsapp Sim Binding Rule 2026
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अगर आप भी उन लाखों भारतीय WhatsApp यूजर्स में से हैं जो दिन की शुरुआत WhatsApp से करते हैं और रात में उसी के साथ सोते हैं, तो यह खबर सीधे आपसे जुड़ी है। अक्सर हम फोन बदलते हैं, सिम बदलते हैं, या फिर कभी-कभी बिना सिम वाले टैबलेट पर भी WhatsApp चला लेते हैं। लेकिन अब ये सब आदतें आपको महंगी पड़ सकती हैं।

1 मार्च 2026 से भारत में WhatsApp चलाने का पूरा तरीका बदलने जा रहा है। सरकार के नए Whatsapp Sim Binding Rule 2026 के तहत अब WhatsApp सिर्फ उसी फोन में चलेगा जिसमें आपकी रजिस्टर्ड सिम मौजूद है। यानी सिम निकाली नहीं कि WhatsApp बंद। सोचिए, अगर कल अचानक आपका WhatsApp काम करना बंद कर दे, तो कितनी मुश्किल होगी? इसलिए इस लेख को अंत तक पढ़ें, क्योंकि आपको अपना अकाउंट बचाने के लिए कुछ जरूरी कदम आज ही उठाने होंगे।

क्या है यह Whatsapp Sim Binding Rule 2026 और क्यों लाया जा रहा है?

Whatsapp Sim Binding Rule 2026 का मतलब बिलकुल सीधा है। अब आपका WhatsApp अकाउंट आपके फोन में लगी असली सिम कार्ड से इस तरह जुड़ जाएगा मानो वह उसी की जान हो। पहले तक WhatsApp की जो सुविधा थी कि आप एक बार ओटीपी डालकर वेरिफाई हो जाते थे और फिर चाहे सिम निकाल दें या दूसरे फोन में लगा दें, WhatsApp चलता रहता था।

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। दूरसंचार विभाग (DoT) के नए नियमों के तहत WhatsApp, Telegram, Signal जैसे सभी मैसेजिंग ऐप को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिस नंबर से अकाउंट बना है, वह सिम फोन में लगी और एक्टिव भी हो।

सरकार के पीछे की मंशा साफ है। पिछले कुछ सालों में डिजिटल अरेस्ट, सिम स्वैप फ्रॉड और साइबर ठगी के मामलों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ 2024 में साइबर फ्रॉड से देश को 22,800 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। स्कैमर्स एक बार सिम वेरिफाई करके उस अकाउंट को दूसरे देशों से ऑपरेट करते थे। अब whatsapp sim binding rule 2026 से इस रास्ते पर रोक लगेगी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने साफ कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के आगे किसी तरह की कोई ढील नहीं दी जा सकती।

1 मार्च से क्या-क्या बदल जाएगा? जानिए हर छोटी बात

Whatsapp Sim Binding Rule 2026

अब सवाल यह है कि आखिर 1 मार्च की सुबह उठकर आपको क्या बदलाव दिखेंगे। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

फोन में सिम का रहना अब अनिवार्य

सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि आपके फोन में वह सिम हमेशा मौजूद रहनी चाहिए जिस नंबर से आपने WhatsApp चलाया है। अगर आपने सिम निकाली, किसी और फोन में लगाई, या फिर सिम बंद हो गई या पोर्ट हो गई, तो WhatsApp तुरंत काम करना बंद कर देगा। कल्पना कीजिए, अगर आप ऑफिस के लिए निकले और रास्ते में पता चले कि सिम घर पर ही भूल गए, तो आपका WhatsApp पूरे दिन बंद रहेगा।

वेब और डेस्कटॉप वर्शन पर हर 6 घंटे में लॉगआउट

जो लोग ऑफिस में WhatsApp Web या डेस्कटॉप ऐप का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह सबसे बड़ी परेशानी वाली बात हो सकती है। अब वेब सेशन हर 6 घंटे में अपने आप लॉगआउट हो जाएगा। यानी दिन में कम से कम दो-तीन बार आपको फोन उठाकर दोबारा QR कोड स्कैन करना होगा। अगर आपका फोन कहीं दूसरे कमरे में चार्ज हो रहा है या घर में भूल गए हैं, तो काम ठप्प।

लिंक्ड डिवाइसेज पर भी असर

कई लोग बिना सिम वाले टैबलेट या सेकेंडरी फोन पर भी WhatsApp चलाते हैं। अब यह सुविधा भी सीमित हो जाएगी। हर 6 घंटे में प्राइमरी फोन से दोबारा वेरिफाई कराना जरूरी होगा।

सिर्फ भारतीय नंबरों पर लागू

राहत की बात यह है कि यह नियम सिर्फ उन्हीं अकाउंट्स पर लागू होगा जो भारतीय (+91) मोबाइल नंबर से रजिस्टर हैं। अगर आप विदेश यात्रा पर जाते हैं और वहां का सिम इस्तेमाल करते हैं, तो आपको परेशानी हो सकती है।

तकनीकी पचड़ा: क्या सच में संभव है?

यहां एक दिलचस्प पहलू यह है कि एक्सपर्ट्स का मानना है कि तकनीकी रूप से Whatsapp Sim Binding Rule 2026 को लागू करना आसान नहीं है। दरअसल, एंड्रॉइड और iOS दोनों ही ऑपरेटिंग सिस्टम किसी भी ऐप को सीधे सिम कार्ड की जानकारी एक्सेस करने की इजाजत नहीं देते।

पूर्व क्वालकॉम वाइस प्रेसिडेंट पराग कर के मुताबिक, Apple ने तो लंबे समय पहले ही किसी भी ऐप को सिम हार्डवेयर तक पहुंचने से रोक दिया था। एंड्रॉइड के पुराने वर्जन में यह सुविधा थी, लेकिन अब नए वर्जन में वह भी बंद हो गई है।

तो फिर WhatsApp यह कैसे करेगा? एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका एक ही रास्ता है बार-बार ओटीपी भेजना। लेकिन सवाल यह है कि क्या हर 6 घंटे में ओटीपी भेजा जाएगा? या हर रोज? अगर ऐसा हुआ तो यूजर्स के लिए यह बेहद परेशान करने वाला हो सकता है।

Whatsapp Sim Binding Rule 2026 से बचने के लिए आज ही कर लें ये 5 जरूरी काम

1 मार्च से पहले आपको कुछ जरूरी कदम उठाने होंगे ताकि आपका अकाउंट और आपकी पुरानी चैट्स सुरक्षित रह सकें।

1. अपना प्राइमरी नंबर फाइनल करें

बहुत से लोग ऐसे नंबर से WhatsApp चलाते हैं जिसका सिम उनके पास नहीं है या किसी पुराने फोन में पड़ा है। अब आपको तय करना होगा कि आप किस नंबर को स्थायी बनाना चाहते हैं। वह सिम आपके उसी फोन में होना चाहिए जिसमें WhatsApp इंस्टॉल है।

2. सिम को एक्टिव रखें

अगर आपका WhatsApp किसी ऐसे नंबर पर चलता है जिसे आपने महीनों से रिचार्ज नहीं कराया है, तो आज ही एक छोटा सा रिचार्ज करा लें। क्योंकि अगर सिम एक्सपायर हो गई या टेलीकॉम कंपनी ने वह नंबर किसी और को अलॉट कर दिया, तो आप अपना WhatsApp अकाउंट हमेशा के लिए खो देंगे।

3. आज ही लें चैट बैकअप

whatsapp sim binding rule 2026 लागू होने के दौरान तकनीकी बदलावों की वजह से डाटा लॉस का खतरा रहता है। इसलिए आज ही अपनी सारी चैट्स का बैकअप ले लें।

एंड्रॉइड यूजर्स के लिए:

  • WhatsApp सेटिंग्स में जाएं
  • चैट्स पर क्लिक करें
  • चैट बैकअप पर जाएं
  • Google अकाउंट चेक करें
  • ‘बैकअप’ बटन दबाएं

iPhone यूजर्स के लिए:

  • सेटिंग्स में जाएं
  • चैट्स पर जाएं
  • चैट बैकअप पर क्लिक करें
  • ‘अभी बैकअप लें’ दबाएं

4. नंबर बदल रहे हैं तो पहले कर लें यह काम

अगर आप अपना मोबाइल नंबर बदलने की सोच रहे हैं, तो पुराना सिम निकालने से पहले WhatsApp के अंदर ही ‘नंबर बदलें’ (Change Number) फीचर का इस्तेमाल कर लें। इससे आपकी सारी चैट्स और अकाउंट नए नंबर पर ट्रांसफर हो जाएगा।

5. ऐप अपडेट रखें

सुनिश्चित करें कि आपके फोन में WhatsApp का सबसे नया वर्जन इंस्टॉल हो। प्ले स्टोर या ऐप स्टोर पर जाकर एक बार चेक कर लें कि कोई अपडेट पेंडिंग तो नहीं है।

whatsapp sim binding rule 2026 का असर: किसको कितनी परेशानी होगी?

इस नियम का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो:

  • दो सिम वाले फोन में दूसरे नंबर से WhatsApp चलाते हैं
  • बिना सिम वाले टैबलेट या लैपटॉप पर WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं
  • ऑफिस में पूरा दिन WhatsApp Web चलाते हैं
  • अक्सर विदेश यात्रा पर जाते हैं और वहां लोकल सिम इस्तेमाल करते हैं
  • पुराने नंबर से WhatsApp चला रहे हैं जिसका सिम अब एक्टिव नहीं है

सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और न ही डेडलाइन बढ़ाई जाएगी। ऐसे में अब हमें whatsapp sim binding rule 2026 के साथ ढलना ही होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: क्या सच में 1 मार्च से Whatsapp Sim Binding Rule 2026 लागू हो जाएगा?

जवाब: हां, 1 मार्च 2026 से यह नियम लागू हो जाएगा। हालांकि, सभी यूजर्स तक इसका असर पहुंचने में कुछ दिन लग सकते हैं क्योंकि कंपनियां इसे चरणबद्ध तरीके से रोलआउट कर सकती हैं।

सवाल: क्या मेरी पुरानी चैट्स डिलीट हो जाएंगी?

जवाब: WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, वेरिफिकेशन फेल होने पर सिर्फ अकाउंट एक्सेस बंद होगा, आपकी चैट्स फोन में सुरक्षित रहेंगी। जैसे ही सिम दोबारा लगेगी, वैसे ही WhatsApp फिर से चलने लगेगा।

सवाल: क्या यह नियम Telegram और Signal पर भी लागू होगा?

जवाब: हां, DoT ने यह निर्देश सभी प्रमुख मैसेजिंग ऐप्स को दिया है, जिनमें Telegram, Signal, Snapchat, ShareChat, JioChat, Arattai और Josh शामिल हैं।

Disclaimer: यह लेख विभिन्न समाचार स्रोतों और सरकारी निर्देशों पर आधारित है। लेख में दी गई जानकारी 28 फरवरी 2026 तक उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। Whatsapp Sim Binding Rule 2026 के क्रियान्वयन में कंपनी की ओर से कोई बदलाव किए जाने की स्थिति में यह जानकारी अपडेट की जानी चाहिए। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव से पहले आधिकारिक सूत्रों से पुष्टि कर लें। लेखक किसी भी प्रकार की तकनीकी असुविधा या डाटा हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।

Shubham Ingale

Dhanchkara.in के Founder और Author। मैं यहाँ पर आसान भाषा में लेटेस्ट Tech News, Automobile Updates और Entertainment Stories शेयर करता हूँ। मेरा लक्ष्य है कि readers तक हमेशा Unique, Accurate और Updated Content पहुँचे।
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