Accenture: आज के समय में हर देश अपनी सरकारी सेवाओं को डिजिटल बना रहा है, लेकिन जनता की उम्मीदें भी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ चुकी हैं। लोग चाहते हैं कि सरकारी वेबसाइटें इस्तेमाल करने में आसान हों, लॉगिन या वेरिफिकेशन में ज़्यादा समय न लगे और उनकी जानकारी सुरक्षित रहे। इसी बदलती तस्वीर को समझने के लिए Accenture ने एक नई रिपोर्ट जारी की है, जिसमें डिजिटल पब्लिक सर्विस डिलीवरी की चुनौतियों और समाधान दोनों पर गहराई से बात की गई है।
सरकारी सेवाओं में डिजिटल बदलाव की बढ़ती ज़रूरत
Accenture की 17-पेज की रिपोर्ट “Reimagining Public Services in the Age of AI” बताती है कि पूरी दुनिया में पब्लिक सेक्टर पर तेज़ी से डिजिटल होने का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
लेकिन बजट की कमी, सिस्टम की सीमाएँ और लोगों की उभरती जरूरतें इस बदलाव को और कठिन बना रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार:
- 75 प्रतिशत से ज़्यादा सरकारी कर्मचारी कह रहे हैं कि उनके काम में इस्तेमाल होने वाले टूल्स बदल चुके हैं।
- कई देशों में डिजिटल चैनल बढ़ाए गए हैं, लेकिन लगभग आधे लोग अभी भी सरकारी वेबसाइटों को नेविगेट करने में परेशानी महसूस करते हैं।
- 40 प्रतिशत जनता अब भी इन-पर्सन सेवाओं पर भरोसा करती है।
- लगभग इतने ही लोग डिजिटल प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
सिंगल साइन-ऑन और आसान लॉगिन की बढ़ती मांग
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि लोगों को बार-बार लॉगिन और जटिल पहचान प्रक्रियाएँ पसंद नहीं आतीं।
इसलिए:
- 41 प्रतिशत लोग Single Sign-on (SSO) को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल करते हैं।
- पहचान सत्यापन (Identity Verification) में सरकारी कर्मचारियों का 5 मिनट से अधिक समय लग जाता है, जो स्पष्ट रूप से सिस्टम को तेज़ और स्मार्ट बनाने की जरूरत दर्शाता है।
मोबाइल डिजिटल आईडी (mDL) के लिए लोग तैयार
डिजिटल पहचान के आधुनिक तरीकों को लेकर भी अच्छी खबर सामने आई है:
- 55 प्रतिशत लोग मोबाइल ड्राइविंग लाइसेंस (mDL) या स्मार्टफोन में डिजिटल आईडी वॉलेट इस्तेमाल करने में सहज महसूस करते हैं।
इससे पता चलता है कि जनता डिजिटल आईडी के अगले स्तर के लिए मानसिक रूप से तैयार है—ज़रूरत है तो सिर्फ भरोसे और आसान उपयोग अनुभव (UX) की।
डिजिटल पब्लिक सर्विसेज में सफलता का राज: बेहतर UX और भरोसा
Accenture का कहना है कि वे सरकारी संगठन जो डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में सफल हो रहे हैं, वे एक बात पर खास जोर दे रहे हैं—
User Experience यानी उपयोगकर्ता अनुभव।
जब सेवाएँ आसान, तेज़ और सुरक्षित लगती हैं, तो जनता का विश्वास अपने आप बढ़ जाता है।
डिजिटल दुनिया में भरोसा ही सबसे बड़ा पूंजी है।
UN की रिपोर्ट से भी साफ: दुनिया बदल रही है
UN की 2024 E-Government Survey भी दिखाती है कि कई देशों ने सरकारी सेवाओं को डिजिटल बनाने में बड़ी प्रगति की है।
लेकिन 2030 के लक्ष्यों को पाने के लिए अभी भी काफी काम बाकी है—खासकर UX, भरोसा और सुरक्षा के क्षेत्र में।
Accenture की यह रिपोर्ट साफ बताती है कि डिजिटल सेवाओं का भविष्य सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि बेहतर अनुभव और भरोसे पर टिका है।
अगर सरकारें UX को प्राथमिकता दें, डिजिटल पहचान को आसान बनाएं और सुरक्षा के प्रति पारदर्शी रहें, तो आने वाले समय में सरकारी सेवाएँ पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी और भरोसेमंद बन सकती हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें व्यक्त विचार विश्लेषणात्मक उद्देश्य से प्रस्तुत किए गए हैं और इनका उद्देश्य किसी संस्था या नीति के प्रति समर्थन या विरोध व्यक्त करना नहीं है।
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